ब्यावर भारतीय जनता पार्टी 2023 के विधायक चुनाव होने वाले है ऐसे में भारतीय जनता पार्टी के साथ कई नेता टिकट के लिए अपनी जी जान से मेहनत कर रहे हैं। लेकिन ब्यावर विधानसभा में एक ऐसा युवा नेता जिसकी चर्चाएं ब्यावर की गली, मोहल्लों, और ग्रामीण क्षेत्रों में काफी हो रही हैं वो है महेंद्र सिंह रावत।
जी हां हम बात कर रहे हैं युवा नेता महेंद्र सिंह रावत जिसने युवाओं, बड़े बुजुर्गों, माता बहनों के बीच में रहकर जनता की काफी मदद की है। हम बात करें रावत की तो महेंद्र सिंह रावत एडवोकेट, रावत सेना के संस्थापक और वर्तमान में पंचायत समिति सदस्य है। महेंद्र सिंह रावत भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी और सांसद दिया कुमारी के काफी करीबी माने जाते हैं ऐसे में महेंद्र सिंह रावत को टिकट मिलने में आसानी रहेगी। महेंद्र सिंह रावत ने अपनी मजबूत राजनीतिक विधायकी दावेदारी के लिए हजारों दुपहिया वाहनों, कारों, ट्रैक्टर और हजारों की संख्या में भीड़ एकत्रित कर तिंरगा वाहन रैली, ब्यावर को जिला बनाने के लिए एकता संकल्प रैली के साथ कई बार शक्ति प्रदर्शन कर अपनी मजबूत दावेदारी जताई है। भारतीय जनता पार्टी की माने तो महेंद्र सिंह रावत ने हमेशा भाजपा का साथ देकर सीट जिताई है। रावत सन् 1995 में मात्र 11 वर्ष की उम्र में संघ परिवार से जुड़ गया और रावत का कहना है कि संघ मेरे तन मन और रोम रोम में बस गया है। वर्ष 2008 से 2018 में हुए तीनों ब्यावर विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत हुई इस जीत का मुख्य शिल्पकार रहे हैं इन तीनों चुनावो मे मुख्य सलाहकार और रणनीतिकार की भूमिका निभाई हैं पिछले विधानसभा चुनाव 2018 में महेंद्र सिंह ने शंकर सिंह का अहम योगदान और साथ देकर बाजी मारकर सीट अपनी झोली में ले बैठे नही तो पिछला विधानसभा चुनाव बहुत बुरी तरह हार जाते।
भारतीय जनता पार्टी के महेंद्र सिंह रावत ने पूरे देश में अपने पिछड़ते हुए समाज व दिशा भटकते हुएयुवाओं को मुख्य धारा में जोड़ने के उद्देश्य से रावत सेना की स्थापना 1 फरवरी 2015 को अजमेर जिले के ब्यावर विधानसभा में पूरे प्रदेश के रावत समाज के प्रमुख लोगों और युवाओं को सम्मिलित करके की ओर राजस्थान की 19 विधानसभाओं में रावत सेना का डंका बजता है। पूरे प्रदेश में रावत समाज की राजनेतिक रूप से उपस्थिति समझने हेतु रावत बाहुल्य प्रमुख विधानसभा जन सांख्यिकी आंकड़े से समझा जा सकता है ऐसे में अगर महेंद्र सिंह रावत को भारतीय जनता पार्टी ब्यावर से विधायक का टिकट नहीं देती हैं तो राजस्थान की 19 विधानसभाओं में रावत बाहुल्य क्षेत्रों की वजह से खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
🟥रावत का अब तक का दायित्व निर्वहन
🟥महेंद्र सिंह रावत को संघ और भारतीय जनता पार्टी से कई बड़ी बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गई और उस पर वो खरे भी उतरे।
🟥महेंद्र सिंह रावत के दायित्व की बात करें तो *सन 1995 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रवेश
🟥सन् 1997 संग प्राथमिक शिक्षा वर्ग
🟥सन् 2000 में भारतीय विद्यार्थी परिषद सदस्य,
🟥सन् 2001 में विद्यालय प्रमुख एबीपी ब्यावर
🟥सन् 2002 में नगर प्रमुख एबीवीपी ब्यावर
🟥सन् 2003 में नगर महाविद्यालय प्रमुख एबीवीपी एसडी कॉलेज ब्यावर और संघ शिक्षा वर्ग प्रथम वर्ष,
सन् 2004 से 2006 तक तहसील प्रमुख एबीवीपी ब्यावर
🟥सन् 2006 से 2008 तक जिला संयोजक एबीवीपी अजमेर
🟥सन् 2009 से 2010 तक प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एबीवीपी*,
🟥सन् 2011 से 2012 तक राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय रावत युवा महासभा
🟥सन् 2013 संकल्प यात्रा प्रभारी सिरोही और बहरोड
🟥सन् 2013 से 2015 तक मंडल महामंत्री जवाजा मण्डल भाजपा, और प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, भाजयुमो,राजस्थान,
🟥सन् 2014 से 2017 तक भा.ज.यु.मो.प्रभारी राजसमंद लोकसभा
🟥सन् 2015 में रावत सेना की स्थापना के साथ 16 विधानसभा क्षेत्रों में गठन
🟥सन् 2018 में जिला संयोजक युथ चला बूथ अभियान भाजयुमो अजमेर
🟥जिला प्रभारी युवा शक्ति सम्मेलन भाजयुमो चित्तौड़गढ़, जिला प्रभारी राजस्थान गौरव यात्रा भाजयुमो राजसमंद, जिलामंत्री भारतीय जनता पार्टी अजमेर देहात,
🟥सन् 2019 में राजसमंद लोकसभा चुनाव संयोजक ब्यावर विधानसभा,जिला उपाध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी अजमेर देहात
🟥सन् 2020 में पंचायत समिति सदस्य जवाजा
🟥सन् 2022 में प्रवासी प्रभारी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रभारी 2022 कासगंज जिले की अमापुर विधानसभा प्रवासी के नाते 42 दिन रहकर संगठन कार्य किया।
🟥सन् 2023 में रावत सेना भालिया क्षेत्र की कार्यकारिणी घोषित कर अपनी मजबूत टीम का गठन किया।
🟥सन् 2023 में दिल्ली नगर निगम एमसीडी के वार्ड नम्बर 163 संगम विहार का प्रभारी नियुक्त किया गया।
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