कबीर पंथी संत रामपाल जी महाराज जी का बिजयनगर में एलईडी के माध्यम से सत्संग कार्यक्रम का आयोजन हुआ।.....

तीनों देवा कमल दल बसें,ब्रह्मा विष्णु महेश।
प्रथम इनकी वंदना, गिर सुन सतगुरु उपदेश।।
कबीर पंथी संत रामपाल जी महाराज जी का बिजयनगर में एलईडी में माध्यम से सत्संग कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
सत्संग में संत रामपाल जी महाराज जी ने बताया कि सभी देवी देवताओं के बीज मंत्र हैं जो जैसे ब्रह्मा सावित्री, विष्णु लक्ष्मी, शिव पार्वती, मां दुर्गा एवं गणेश जी की साधना का मंत्र जिसका जाप शास्त्रों के आधार पर करने से ही जीव सुखी होता है।
मानव शरीर में कमल बने हुए हैं जिसमें उक्त देवी-देवताओं के वास है जिसके अलग-अलग बीज मंत्र सतगुरु के बताए अनुसार साधना करने से यहां लौकिक फल प्राप्त होते हुए मानव सुखी रहकर परमात्मा की सत भक्ति साधना करते हुए मोक्ष प्राप्ति होती हैं।
ऐसा संत रामपाल जी महाराज ने बताया।

जो मनुष्य शास्त्र विरूद्ध मनमुखी साधना करता है वह कभी भी स्थाई सुख शांति को प्राप्त नहीं करता है।
अतः शास्त्रों के आधार पर सतगुरु से नाम दीक्षा लेकर सत भक्ति साधना करने से सुख एवं पूर्ण मोक्ष की प्राप्ति होती है।
संत रामपाल जी महाराज जी ने आत्म कल्याण एवं सतमार्ग पर चलने के विषय में बताया। गीता जी अध्याय 17 के श्लोक 23 में ओम तत् सत इति निर्देशः त्रिविध स्मृतः के अनुसार विधिवत साधना करने से ही सर्व सुख एवं पूर्ण मोक्ष की प्राप्ति होती है।
सत्संग में पुष्कर पिसागन अजमेर तहसील से भक्तजन एकत्रित हुए एवं सत्संग का लाभ उठाया।
सत्संग में नाम दीक्षा के साथ ही सभी ने सामाजिक बुराइयां, कुरीतियां, तथा अंधविश्वास को त्यागकर सदा के लिए नशा , दहेज, चोरी, भ्रूण हत्या छुआ-छूत आदि से दूर रहने का संकल्प लिया।
सत्संग कार्यक्रम में 
कुछ भक्तों ने अपने अनुभव यानिकि दुख दर्द कैसे छुटकारा मिला और मुझे क्या क्या सुख प्राप्त हुए।
सत्संग सुनने आए श्रद्धालुओं में किसी भी प्रकार का नशा नहीं करते नजर आए

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