भारत और दुनिया भर में हिंदी बोलने वाले लोगों को उत्साहित करना और हिंदी साहित्य के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना है
हिंदुस्तान की राष्ट्रीय भाषा है। विश्व भर की भाषाओं का इतिहास रखने वाली संस्था एथ्नोलॉग के अनुसार हिंदी दुनियाभर में सर्वाधिक बोली जाने वाली तीसरी भाषा है। दुनियाभर में हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए वातावरण निर्मित करने और हिंदी को अंतर्राष्ट्रीय भाषा के रूप में प्रस्तुत करने के उद्देश्य से पिछले कई सालों से 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जा रहा है
हर साल 10 जनवरी को दुनियाभर में विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है। पहली बार नागपुर में 10 जनवरी 1975 को विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन किया गया था, जिसमें 30 देशों के 122 प्रतिनिधि। शामिल हुए थे। उसके बाद भारत के बाहर मॉरिशस, यूनाइटेड किंगडम, त्रिनिदाद, अमेरिका आदि देशों में भी विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन किया गया।
साल 1949 में यूनाइटेड नेशन जनरल एसेंबली (UNGA) में पहली बार हिंदी बोले जाने की सालगिरह को दर्शाने के लिए विश्व हिंदी दिवस की शुरुआत हुई थी. देश की प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी ने 1975 में पहली बार वर्ल्ड हिंदी कांफ्रेंस (first World Hindi Conference) का उद्घाटन किया. उसके बाद दुनिया के कई हिस्सो में वर्ल्ड हिंदी कांफ्रेंस का आयोजन किया गया. हालांकि साल 2006 में 10 जनवरी के दिन पहली बार विश्व हिंदी दिवस मनाया गया था. उस समय देश के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह थे. भारत के तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह ने ही इस दिन (10 जनवरी) को विश्व हिंदी दिवस के रुप में मनाने की घोषणा की थी. उसके बाद से हर साल दुनिया भर में कल दिन हिंदी भाषा को एक दिवस के रुप में मनाया जाने लगा.
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