ब्यावर सदर थाना पुलिस ने थाना क्षेत्र के रामपुरा मेवातियान गांव में 04 दिसबंर को हुए बलमा देवी हत्याकांड का खुलासा कर दिया। पुलिस ने मामले में तीन लोगों को गिरफतार किया है। हत्या का कारण नकदी और जेवरात लूट आया है। सदर थानाधिकारी चेनाराम बेडा ने बताया कि 4 दिसंबर को रामपुरा मेवातियान निवासी बलमा देवी हत्याकांड के पुलिस टीम का गठन किया गया। मामले को सुलझाना पुलिस टीम के लिए आसान नहीं था क्योंकि मृतका घर पर अकेली रहती थी,जिसका घर गांव के एक तरफ होकर रेलवे पटरी के पास स्थित है। घर के आस-पास सब पुराने मकान हैं, जो सूने पड़े हैं। जहां कोई नहीं रहता है, ना ही आसपास कोई सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं।
मृतका के घर के कमरों के ताले टूटे हुए थे और घर से गहने जेवरात गायब थे, लेकिन मृतका के स्वयं के शरीर पर कानों के गहने और पैरों के कड़े पहने हुए थे। जिसने पुलिस की मुश्किले और बढा दीं कि हत्या लूट के मकसद से की गई तो गहने एवं जेवरात क्यों छोड़े और आखिरकार हत्यारों का घर में घुसकर वृद्धा की निर्दयतापूर्वक हत्या के पीछे मकसद क्या था।
ऐसी परिस्थितीयों में पुलिस के सामने कानून व्यवस्था के साथ-साथ जनता मे विश्वास कायम करके हत्यारों तक पहुंचना काफी मुश्किल भरा था। पुलिस टीम द्वारा की जा रही जांच के दौरान जिला साइबर सेल के कांस्टेबल प्रवीण चौधरी और थाना ब्यावर सदर के कांस्टेबल सुखपाल चौधरी को मुखबिर से सूचना मिली कि घटना में गांव रामपुरा के एक व्यक्ति का हाथ है। इस सूचना पर पुलिस टीम ने गांव में रहने वाले व्यक्ति उम्ममेद पुत्र भवरलाल भूकर जाट के बारे में पता किया तो पता चला कि वह घटना के बाद से ही गांव से गायब है। जिसकी तलाश की गई और देर रात उम्ममेद को पकड़ा व थाने लाकर पूछताछ की।
सख्त पूछताछ के बाद आरोपी टूट गया और उसने बताया कि उसने अपने दो साथियों मनीष कटारिया उर्फ बिट्टू पुत्र भंवरलाल मेघवाल निवासी ग्राम अरड़ पीपलाज और महेन्द्र खोरवाल पुत्र नटवरलाल के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया है। दोनों आरोपियों के बारे में पूछने पर बताया कि दोनों किशनगढ़ रहते हैं और नशे के आदी हैं। इस पर पुलिस टीम रवाना होकर किशनगढ पहुंची और दोनों आरोपियों को पकड़कर थाने ले आई। थानाधिकारी बेडा के अनुसार हत्या व लूट के समस्त आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
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