ब्यावर शहर में 14 दिन पहले हुए एडवोकेट हजरत अली की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने यह हत्या जमीनी विवाद और पैसों के लेनदेन को लेकर की थी। हत्या के बाद आरोपी फरार हो गए थे। जिनके खिलाफ हजरत अली के भाई ने नामजद रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पुलिस ने इस मामले में कई सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल खंगाली और आखिरकार आरोपियों तक पहुंच गई। पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। इन्हें शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
गुरुवार शाम एएसपी वैभव शर्मा ने एक प्रेसवार्ता कर बताया कि 3 नवबंर को आरोपियों ने शहर के फतेहपुरिया दोयम स्थित भैरूजी की दांती निवासी एडवोकेट हजरत अली की हत्या कर दी थी। जिसकी जांच के बाद तीन आरोपियों को डीडवाना नागौर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों में ब्यावर फतेहपुरिया दोयम निवासी विकास नागौरा उर्फ टोनी पुत्र रमेश खटीक, दुर्गावास थाना जवाजा निवासी दाऊ सिंह उर्फ सेठी पुत्र पांचूसिंह रावत और देवनगर चांग थाना सेंदडा पाली निवासी विक्रम सिंह उर्फ विक्की पुत्र शंकरसिंह रावत शामिल हैं।
हत्या के बाद पहले हैदराबाद गए, फिर नागौर लौटे
मामले की जांच के लिए डीएसपी मनीषसिंह चौधरी के निर्देशन में सिटी थानाधिकारी सुरेन्द्रसिंह जोधा के नेतृत्व में अलग-अलग टीमों का गठन किया। टीम ने सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल खंगाली। जिसके बाद आरोपियों की लोकेशन हैदराबाद आई। जिस पर एक टीम हैदराबाद गई, लेकिन आरोपी वहां से वापस राजस्थान आ गए। जहां पुलिस ने इनकी लोकेशन को ट्रेस किया तो खींवसर नागौर के पास लाइम स्टोन के भट्टों के आसपास पाई गई। इस पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को दबोच लिया।
पहले से दर्ज हैं मामले
आरोपियों में विकास नागौरा के खिलाफ सिटी थाने में विभिन्न धाराओं में चार मामले दर्ज हैं। साथ ही केकडी में एटीएम तोड़कर रूपए निकालने का भी मामला दर्ज है। दूसरे आरोपी डाउसिंह उर्फ सेठी के खिलाफ भी ब्यावर सिटी में दो, ब्यावर सदर थाने में एक और जवाजा थाने में एक मामला दर्ज है।
जमीनी विवाद में की थी हत्या
तीनों आरोपियों ने जमीनी विवाद तथा रूपयों के लेनदेन
को लेकर 3 नवबंर को फतेहपुरिया दोयम भैरूजी की
दांती निवासी एडवोकेट हजरत अली की गोली मारकर
हत्या कर दी थी। इस मामले में मृतक के भाई नीरा
काठात ने सिटी थाना पुलिस में हत्या को लेकर एक
प्रकरण दर्ज करवाते हुए तीन आरोपियों के खिलाफ
मामला दर्ज करवाया था।
मामले का खुलासा करने वाली टीम में सीआई सुरेन्द्रसिंह धा, टाटगढ़ थानाधिकारी गिरधारीसिंह, साइक्लोन सैल अजमेर के रणवीरसिंह, ब्यावर सिटी थाने के हैड कांस्टेबल जितेन्द्रसिंह, शेरसिंह, गोपीराम, रामप्रसाद, जनमोहन, कांस्टेबल भगवानसिंह, मोहितसिंह, अरूण कुमार, भवानीसिंह तथा मखनाराम आदि शामिल थे।
0 टिप्पणियाँ