ये हैं जिला बनाने के प्रमुख आधार
1. 69 साल पहले से ब्यावर को जिला बनाने की मांग हो रही है ।
2. अजमेर मेरवाड़ा के राजस्थान में विलय के दौरान भी ब्यावर को • जिला बनाने की शर्त थी ।
3. प्रदेश का 13 वां बड़ा उपखंड ।
4. राज्य व केंद्र सरकार को करीब 2500 करोड़ रुपए का राजस्व केवल ब्यावर शहर से .
5. क्रांतिकारियों व स्वतंत्रता सेनानियों की जन्मस्थली व शरणस्थली रहा ।
6. 1888 में देश की पहली जनमत प्रजातांत्रिक व्यवस्था ब्यावर से ही शुरू हुई । 7. राजस्थान का पहला आयकर विभाग भी ब्यावर शहर में स्थापित हुआ ।
8. 150 वर्ष पूर्व अंग्रजी शासकों द्वारा सीएनआई चर्च का भी ब्यावर में निर्माण करवाया गया ।
राज्य की पहली नगर परिषद भी ब्यावर में
चौहान ने बताया कि 1 मई 1867 को राजस्थान की पहली नगर परिषद भी ब्यावर में अंग्रेजी शासनकाल में स्थापित हुई । देश की पहली ऊन और रूई की व्यापारिक मंडी भी बनी । 1 नवम्बर , 1956 को भारत सरकार द्वारा गठित राज्य पुनः गठन आयोग के अध्यक्ष सैयद फजल अली ने राजस्थान में अजमेर मेरवाड़ा को मिलाने के लिए अजमेर को राजस्थान की राजधानी और ब्यावर को जिला बनाने पर सहमति जताई थी । प्रस्तावित ब्यावर जिले में शहर की जनसंख्या 3,85000 , मसूदा क्षेत्र की जनसंख्या 1,87,295 , भीम क्षेत्र की 2,30,820 , आसींद क्षेत्र की 2,46,469 , रायपुर क्षेत्र की 2,10,004 , जैतारण क्षेत्र की 2,50,666 , जसनगर क्षेत्र की 45,5001 इस प्रकार उपरोक्त आसपास के क्षेत्रों को मिलाकर करीब जनसंख्या 15,55,754 शहरी व ग्रामीण हैं । नए जिलों के लिए समिति की बैठक 28 को सरकार की ओर से नए जिलों के लिए गठित सेवानिवृत्त आईएएस रामलुभाया के नेतृत्व वाली उच्च स्तरीय समिति की बैठक 28 सितंबर को जयपुर में होगी । इसमे नए जिला बनाने को लेकर तय मापदंड पर अधिकारियों से जानकारी प्राप्त करेंगे ।
भौगोलिक स्थिति पर भी ब्यावर खरा
जिला बनने के जरूरी भौगोलिक स्थिति पर भी ब्यावर खरा उतरता है । साथ ही 4 जिलों की तहसील - उपतहसीलों को शामिल किया जाएगा । अजमेर , भीलवाड़ा , राजसमंद और पाली आसीद , बदनौर , रायपुर , जैतारण , मसूदा , बिजयनगर , भीम तहसील उपतहसील को शामिल कर जिला बनाया जा सकता हैं ।
0 टिप्पणियाँ