एक लाख से अधिक लोगों की मांग "राजस्थानी मांगे राजभाषा "
समाचार लिखे जाने तक एकत्रित हुई जानकारी के अनुसार राजस्थानी युवा समिति से लगभग एक लाख से अधिक लोग जुड़े है जिनमे अधिकतर युवा ही शामिल है समिति के लोग ही राजस्थानी मांगे राजभाषा की मांग तेज कर रहे है जिसे अनेकों वर्षों से लगातार ही अटकाया जा रहा है।
राजस्थानी भाषा को यदि मान्यता मिलती है तो
सरकार से समिति ने अपील करते हुए कहा कि कितना फायदा ही फायदा है इसमें किसी भी परकार का कोई नेगेटिव पॉइंट नहीं है जिसके बाद भी इसे अटकाया जा रहा है.
राजस्थानी युवा समिति के अध्यक्ष अरुण राजपुरोहित ने जानकारी देते हुए बताया कि हर दिन राजस्थान के युवा से लेकर बुगुर्गों तक लोग खुद ही इस आंदोलन से जुड़ने के लिए चले आ रहे है.
इस बजट सत्र में मिले राजभाषा का दर्जा
राजस्थानी युवा समिति के राष्ट्रीय सलाहकार राजवीर सिंह चलकोई ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बार बजट सत्र में राजस्थान सरकार को राजस्थानी भाषा को राजभाषा का दर्जा देने की घोषणा करनी चाहिए,
राजस्थानी युवा समिति द्वारा इस आंदोलन को 4 महीने पहले शरद पूर्णिमा के दिन से शुरू किया गया था और अब यदि सरकार इस आंदोलन को हलके में ले रही है तो समिति द्वारा आंदोलन का और उग्र किया जाएगा।
राजस्थानी युवा समिति के अध्यक्ष अरुण राजपुरोहित ने जानकारी देते हुए बताया कि हर दिन राजस्थान के युवा से लेकर बुगुर्गों तक लोग खुद ही इस आंदोलन से जुड़ने के लिए चले आ रहे है.
एक नजर में राजस्थानी युवा समिति का आंदोलन
1 सितम्बर 2022 से मुहिम की शुरुआत की।
• हेलो मायड़ भासा रो कार्यक्रम के जरिए कई शहरों में - कॉलेज व शिक्षण संस्थाओं में कार्यक्रम किए ।
- 28 हजार से ज्यादा औपचारिक सदस्य बनाए । -
यह सदस्य ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों पद्धति से बनाए गए।
• पांच शहरों में 10 से ज्यादा छोटे-बड़े कार्यक्रम हो चुके हैं।
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