प्रदेश में शुद्ध के लिए युद्ध-मुखबिर योजना लागू

प्रदेश में शुद्ध के लिए युद्ध-मुखबिर योजना लागू

*राज्य सरकार ने प्रदेशवासियों को मिलावट से बचाकर गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘‘शुद्ध के लिए युद्ध‘‘ अभियान-मुखबिर योजना-2022 लागू की है । योजना के तहत मिलावटी खाद्य पदार्थ बनाने या विक्रय करने वाले के संबंध में सूचना देने वाले व्यक्ति को 51 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी । मुखबिर की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी । 

योजना के तहत कोई भी व्यक्ति अनाधिकृत स्थान पर मिलावटी खाद्य पदार्थ के निर्माण या विक्रय की सूचना *टोल फ्री नंबर 181* पर तथा *खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त, अतिरिक्त आयुक्त, संयुक्त आयुक्त, जिला कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, उपखण्ड अधिकारी, ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी या खाद्य सुरक्षा अधिकारी को पत्र, ई-मेल, सीडी, डीवीडी, पेन ड्राइव, एसएमएस या व्हाट्स एप के माध्यम से* दे सकता है । मुखबिर द्वारा दी गई सूचना का ये अधिकारी परीक्षण करेंगे । प्रथम दृष्टया सूचना सही पाए जाने पर मुखबिर को निर्धारित फॉर्म में सूचना देने के लिए कहा जाएगा । उसकी प्राप्ति रसीद एवं यूनिक कोर्ड मुखबिर को दिया जाएगा । मुखबिर की पहचान गोपनीय रखने के उद्देश्य से उसे इसी यूनिक कोर्ड से पहचाना जाएगा । 

सूचना के आधार पर लिए गए *सैम्पल के खाद्य लैब में अनसेफ पाए जाने पर मुखबिर को 25 हजार रूपए* की राशि दी जाएगी तथा *कोर्ट में चालान पेश होने पर शेष 26 हजार रूपए* की राशि प्रदान की जाएगी । इसी प्रकार सैम्पल खाद्य लेब में अमानक पाया जाने पर मुखबिर को प्रोत्साहन राशि के रूप में *5 हजार रूपए* तथा एडीएम कोर्ट में चालान पेश होने पर *5 हजार रूपए* की राशि देय होगी । यह राशि देने के लिए खाद्य सुरक्षा आयुक्त एवं जिला कलेक्टर को प्राधिकृत किया गया है। 


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