CM अशोक गहलोत बोले- रिश्तेदार ही करते हैं दुष्कर्म


राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, पीछे कम्पल्सरी एफआईआर की व्यवस्था के कारण प्रदेश में अपराध के आंकड़े बढ़े हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराधों के आधे से ज्यादा केस झूठ होते हैं। दुष्कर्म की घटनाएं करने कोई विदेशी आता है क्या? अधिकांश घटनाएं परिवार के जान-पहचान वाले हर करते हैं, या उनमें अपने शामिल होते हैं। सीएम ने कहा, महिला अपराध के जो केस हैं, उसमें आधे से ज्यादा यानि करीब 56 फीसदी झूठे हैं। प्रदेश में अपराध कंट्रोल में है। बता दें कि सीएम अशोक गहलोत शुक्रवार को जयपुर में राजस्थान पुलिस एकेडमी में दीक्षांत परेड में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने जालोर के सुराणा में शिक्षक की कथित पिटाई के बाद हुई दलित बच्चे की मौत की जांच सीबीआई को देने के भी संकेत दिए। उन्होंने कहा- जालोर की घटना को लेकर लोग गलत बातें फैला रहे हैं, अब भी लोग परिवार से मिलने आ रहे हैं, आप कहें तो केस की जांच सीबीआई को दे देते हैं। हमारा क्या लगता है, लेकिन बिना किसी मतलब के राजस्थान को बदनाम करने का हक किसी को नहीं है।  


सीएम अशोक गहलोत डीजीपी के सामने कहा कि, जो लोग झूठे केस दर्ज करवाते हैं, उन्हें ऐसे ही नहीं छोड़ना चाहिए। ऐसा करने वालों के खिलाफ केस दर्ज किया जाए। इस तरह के केस से प्रदेश की बदनामी होती है। कार्रवाई होगी तो लोग झूठे मामले दर्ज कराने की हिम्मत नहीं करेंगे।राजस्थान महिलाओं और युवतियों से यौन अपराध के मामले में पहले नंबर पर है। यहां हर रोज 17 महिलाएं और युवतियां दुष्कर्म का शिकार हो रहीं हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी ) के आंकड़ों के अनुसार दुष्कर्म के मामलों में राजस्थान ने मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और असम को भी पीछे छोड़ दिया है। साल 2021 में प्रदेश में 6,337 दुष्कर्म के मामले सामने आए। इससे पहले साल 2020 के 5,310 केस दर्ज किया गए थे। 2021 और 2020 में दुष्कर्म के मामलों में 1000 से ज्यादा का अंतर हैं। एनसीआरबी की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2020 और 2021 में राजस्थान में सबसे अधिक दुष्कर्म हुए हैं।  


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