ब्यावर न्यूज़ रायताखेड़ा निवासी तारा सिंह उर्फ जसवंत सिंह एवं उनके परिजनों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर गर्भवती महिला संतोष देवी के इलाज में लापरवाही बरतने वाले दोषी चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है । ज्ञापन में बताया कि संतोष देवी गर्भवती थी जिसका इलाज पूरे 9 माह तक डॉक्टर विद्या सक्सेना से करवाया गया था । इलाज के दौरान उसकी पत्नी संतोष देवी के रक्त में हीमोग्लोबिन की मात्रा 8 ग्राम जिसे डॉक्टर अंकित करती रही किंतु कभी भी निदान के लिए कोई सुझाव नहीं दिया गया । जापान में बताया गया कि 20 जून को संतोष देवी को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने डॉक्टर सक्सेना को घर पर दिखाया तो मरीज को अस्पताल भेज दिया गया । ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि प्रसव के लिए जब संतोष देवी को अस्पताल लेकर पहुंचे तो वहां ओपीडी तैनात डॉ सुरेंद्र ने उसे पैदल ही लेबर रूम में जाने को कहा । ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि 1 घंटे तक उसकी पत्नी संतोष प्रसव पीड़ा सहती रही , और उसके बाद अचानक उसे दौरे पड़ने लगे । लेबर रूम में पहुंची चिकित्सा अधिकारी ने तत्काल संतोष देवी का उपचार शुरू किया और तान की स्थिति को नियंत्रण करने के प्रयास किए लेकिन स्थिति गंभीर होने के कारण उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया । ज्ञापन में बताया गया है कि रैफर करने के पश्चात खरवा पहुंचते - पहुंचते संतोष देवी बेहोश हो गई उसे खरवा अस्पताल लेकर गए जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया । ज्ञापन में मामले के मुख्य दोषी डॉक्टरों की कार्यवाही की मांग उठाई गई है । ज्ञापन सौंपने वालों में
तारा सिंह , सुनीता , सूरज प्रताप चौहान , विक्रम सिंह , कैलाश सिंह , लक्ष्मण सिंह , गोविंद सिंह समेत अन्य ग्रामीण शामिल रहे ।
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