ब्यावर न्यूज़| ब्यावर में एप से आमजन को घर बैठे भी उपलब्ध होगी अंतिम दर्शन की सुविधा | ब्यावर ये रहेगी विशेषता ओपन पासवर्ड , बारकोड स्कैन कर एप के माध्यम से आमजन अंतिम संस्कार क्रियाकर्म देख सकेंगे । सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक ही सिस्टम यह सुविधा उपलब्ध कराएगा ।
मुक्तिधाम के मुख्यद्वार से अंत्येष्टि स्थल तक के सभी कैमरे ऑनलाइन एप से जुड़े रहेंगे । बैनर पर प्रिंट बारकोड को स्कैन करने के साथ ही सिस्टम से सीधे पर कोई भी आसानी से जुड़ सकेगा । प्रदेश में यह पहला मौका होगा जब किसी मुक्तिधाम को ही हाइटेक बनाकर वहां होने वाले अंतिम संस्कार को आमजन के लिए एप के माध्यम से देखने की सुविधा शुरू हो रही हो । कोरोना काल में अपनों को खोने वाले परिजन के अंत्येष्टि में भी भाग नहीं लेने की पीड़ा समझते हुए ब्यावर में नागौरा परिवार ने यह सुविधा शुरू कराने का संकल्प लिया ।
सीसीटीवी कैमरों को एप के माध्यम से जोड़कर ओपन पासवर्ड के जरिये आमजन को यह सुविधा उपलब्ध होगी । जिससे देश - दुनिया में कहीं भी बैठे लोग जो अपने परिजन के अंतिम संस्कार में किसी कारण से शामिल नहीं हो पाते वे भी इस सुविधा के माध्यम से अपने परिजन के अंतिम दर्शन के साथ अंत्येष्टि स्थल के क्रिया - कर्म को भी देख सकेंगे । ब्यावर . श्मशान स्थल पर लगे कैमरे ।
कलर केमिकल उद्यमी अमरचंद मुकेश नागौरा परिवार ने कोरोना काल में प्राण गंवाने वाले ऐसे लोग जिनके परिजन अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाए , उनकी पीड़ा को देखते हुए और आगे ऐसी किसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए सोचा कि ऐसा कोई सिस्टम लगवाएं जिससे ऐसी स्थिति में जो व्यक्ति अंतिम दर्शन करना चाहे उसे यह सुविधा दूर बैठे भी उपलब्ध हो सके । हिंदू सेवा मंडल ने भी नागौरा परिवार के इस प्रस्ताव पर सहमति जताई ।
इसके बाद मुक्तिधाम को 16 हाइटेक कैमरों से लैस किया गया । मुख्यद्वार से अंत्येष्टि स्थल तक लगे इन कैमरों को " एक्सईएमवाईई - प्रो एप से जोड़ा गया है । कंपनी की ओर से एप से जुड़ने के लिए " बारकोड " उपलब्ध कराया गया । इस
बारकोड को मोबाइल से अंत्येष्टि स्थल तक नहीं पहुंचने वाले परिजन तक भेजा जा सकेगा । जिसे वह स्कैन कर एप से जुड़कर आसानी से अंतिम संस्कार की क्रिया को देख सकेंगे । नागौरा परिवार ने आध्यात्म को ध्यान में रखते हुए हिंदू सेवा मंडल के समक्ष यह शर्त भी रखी कि यह एप सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही काम करेगी । रात में मुक्तिधाम स्थल में यह सिस्टम बंद रहेगा इसके लिए यदि कर्मचारी इसे बंद करना भूल जाते हैं तो भामाशाह परिवार को मोबाइल से ही सिस्टम को बंद करने के अधिकार रहेंगे । मुकेश ने बताया कि
रायपुर छत्तीसगढ़ में हाल में लगे ऐसे सिस्टम के बाद उन्होंने कंपनी से संपर्क किया ।
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