कल आएंगे पीएम मोदी राजस्थान, दोसा में करेंगे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे का उद्घाटन....


देश के पहले ग्रीन कॉरिडोर वाले एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन राजस्थान से होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 फरवरी को दौसा में दोपहर 2 बजे इसकी शुरुआत करेंगे।

मोदी के कार्यक्रम की दस दिन से तैयारियां की जा रही हैं। कार्यक्रम स्थल धनावड़ गांव में एक जनसभा भी होगी, जिसके लिए विशालकाय डोम बनाया गया है।


भारतीय जनता पार्टी का दावा है कि करीब दो लाख लोग इस मौके पर मौजूद रहेंगे। डोम में 60 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है।

मोदी एक्सप्रेस-वे के पहले फेज सोहना-दौसा खंड के उद्घाटन के लिए दौसा जिले के धनावड़ गांव हेलिकॉप्टर से पहुंचेंगे। यहां वीवीआईपी गेस्ट के लिए 6 हेलीपैड बनाए गए हैं।

सभा के लिए दौसा जिला मुख्यालय से 18 KM दूर एक्सप्रेस-वे के पास धनावड़े रेस्ट एरिया में 195×110 मीर में 3 डोम बनाए गए हैं। प्रधानमंत्री यहां सभा को संबोधित भी करेंगे।
धनावड़ रेस्ट एरिया में 8 फीट ऊंचा मंच बनाया गया है, जबकि 40×30 में D एरिया तैयार किया है। मीडिया गैलरी के अलावा 200 सोफा व 366 बैकेट चेयर लगाई गई हैं। सभा में आने वाले लोगों के लिए रेस्ट एरिया के दोनों ओर पार्किंग बनाई गई है।

इस कार्यक्रम में VIP गेस्ट हेलिकॉप्टर से आएंगे, इसके लिए अलग-अलग 6 हेलिपैड बनाए गए हैं। सभा में 2 लाख लोगों की भीड़ जुटाने के लिए भाजपा कार्यकर्ता सघन जनसंपर्क में जुटे हुए हैं।

दौसा से एक्सप्रेस-वे पर कहां से चढ़ेंगे दौसा के लोग जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे 21 पर भांडारेज इंटरचेंज से एक्सप्रेस-वे पर चढ़ सकेंगे। एक्सप्रेस-वे से गुजरने वाले व्हीकल्स भांडारेज इंटरचेंज से ही नीचे उतर कर जयपुर व आगरा की ओर जा सकेंगे। आसपास स्थित गांवों के लोगों की हाईवे से कनेक्टिविटी के लिए गांवों के पास अंडरपास बनाए हैं। हालांकि बांदीकुई इलाके के कई गांवों के लोग अंडरपास की मांग को लेकर अड़े हुए हैं।
1385 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेस-वे

सबसे पहले आपको बता दें कि दिल्ली से मुंबई तक जाने वाला यह एक्सप्रेस वे दुनिया का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे है। इसकी कुल लंबाई लगभग 1385 किलोमीटर है। यह 6 राज्यों दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र से गुजरेगा। फिलहाल यह एक्सप्रेस-वे 8 लेन का है। आने वाले दिनों में इसे 12 लेन का किया जा सकता है।

ऐसे में माना जा रहा है कि यह एक्सप्रेस-वे सही मायनों में देश की प्रगति का एक्सप्रेस-वे साबित होगा। यह दिल्ली, गुरुग्राम, अलवर, दौसा, कोटा, रतलाम, वडोदरा और मुंबई से गुजरता है। यह एक्सप्रेस-वे 9 मार्च 2019 से निर्माणाधीन है और मार्च 2023 तक पूरा होने की उम्मीद है।

जानिए एक्सप्रेस-वे क्या है

एक्सप्रेस-वे कम समय में और अधिक आराम के साथ कई शहरों को जोड़ने के लिए उच्च गुणवत्ता वाली यातायात सड़कें हैं। ये सड़कें राजमार्गों और स्थानीय सड़कों से अलग हैं। ये सड़कें 6 लेन से 8 लेन की होती हैं। प्रत्येक लेन की चौड़ाई 2.73 मीटर से 3.9 मीटर तक होती है।

8 से 12 लेन किया जा सकेगा

फिलहाल यह एक्सप्रेस-वे 8 लेन का है, लेकिन आने वाले दिनों में इसे 12 लेन का किया जाएगा। इस हाईवे के बीच में 21 मीटर चौड़ी जगह छोड़ी गई है। ट्रैफिक बढ़ने पर इसमें दोनों ओर 2-2 लेन और बना दी जाएंगी। इस एक्सप्रेस-वे का 374 किलोमीटर हिस्सा राजस्थान से गुजरता है जबकि 160 किमी हिस्सा हरियाणा में, 245 किमी हिस्सा मध्य प्रदेश में और 423 किमी लंबा हिस्सा गुजरात में होगा ।


एक्सप्रेस-वे का निर्माण पूरा होने के बाद फ्यूल की खपत में कमी भी आएगी। हाईवे पर हर 500 मीटर पर रेन वॉटर हार्वेसटिंग सिस्टम बनाए हैं। साथ ही एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ 40 लाख पेड़ लगाए जाने की योजना है।

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